हेमकुंड साहिब में बिछी सफेद चादर, बर्फ काटकर रास्ता बनाने में जुटी सेना

 जोशीमठ

बर्फ और बदलते मौसम के बीच भारतीय सेना के जवान एक बार फिर अनुपम मिसाल पेश कर रहे हैं. सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सेना के 22 जवान लगातार बर्फ काटकर रास्ता बनाने के काम में जुटे हुए हैं। 

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब 15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां ऑक्सीजन की भारी कमी, तेज हवाएं और ठंड हर समय चुनौती से भरा रहता है. फिर भी हर साल की तरह इस बार भी भारतीय सेना के जवान बिना रुके अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। 

अटला कुड़ी ग्लेशियर पर चल रहा है मुश्किल काम
सेना की टीम अटला कुड़ी ग्लेशियर क्षेत्र में काम कर रही है. हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग के करीब 3 किलोमीटर हिस्से में बर्फ को काटकर सुरक्षित रास्ता तैयार किया जा रहा है. यहां मौसम बहुत बदला-बदला सा है. कभी तेज बर्फबारी हो रही है तो कभी अचानक मौसम साफ और सुहावना हो जाता है। 

हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा अधिक ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से ऑक्सीजन की भारी कमी के बीच काम करना आसान नहीं है. लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद जवान लगातार मेहनत कर रहे हैं। 

बता दें कि 23 मई 2026 को इस बार गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. ऋषिकेश से पहला जत्था 20 मई को रवाना होने वाला है. हेमकुंड साहिब पहुंचने का रास्ता ऊंचे हिमालयी इलाके से होकर गुजरता है. सर्दियों में यहां भारी बर्फ जमा हो जाती है. बिना रास्ता साफ किए श्रद्धालु यात्रा नहीं कर सकते. इसलिए भारतीय सेना के जवान हर साल बड़ी मेहनत और लगन से बर्फ हटाकर, रास्ता सुरक्षित बनाकर यात्रियों के लिए तैयार करते हैं। 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786