यूपी सरकार ने फिरोजाबाद के 50 आंबेडकर पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए नई योजना लागू की

फिरोजाबाद

 यूपी के फिरोजाबाद सुहागनगरी में कहीं पर बगैर छतरी के आंबेडकर की प्रतिमा है तो कहीं पर पार्क की बाउंड्रीवॉल टूटी पड़ी है, लेकिन अब इनकी दशा बदलेगी। फिरोजाबाद के करीब 50 पार्कों के दिन बदलने वाले हैं। यूपी सरकार का ध्यान अब आंबेडकर पार्क की तरफ गया है तथा डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत इन पार्कों के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं।

यूपी सरकार के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने सभी मंडलायुक्त को पत्र भेजा है जो जिला स्तर पर भी पहुंच गया है। पत्र में कहा है कि समाज सुधारकों एवं सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियां राष्ट्री की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत है। वर्तमान में कई प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन कहीं पर छत्र नहीं है तो कहीं पर बाउंड्री। मौसम की मार के साथ अतिक्रमण भी होता है। प्रतिमाओं की गरिमा भी प्रभावित होती है। इसे देखते हुए डॉ.बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को लागू किया है। इसके तहत इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिले स्तर पर भी इसके तहत कार्य किया जाएगा। इसके साथ में लोगों में जनजागरूकता फैलाई जाएगी, ताकि लोगों में सामाजिक न्याय के ध्वज वाहक डॉ.आंबेडकर एवं महान विभूतियों के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके।

कहीं मूर्ति हुई जीर्ण-शीर्ण तो लगाएंगे नई मूर्ति
योजना के तहत निर्देश दिए हैं कि अगर कहीं पर पुरानी लगी हुई मूर्ति जीर्ण शीर्ण हो गईहै तो उसके स्थान पर नई मूर्ति भी लगाई जा सकती है।

हर विधानसभा में दस-दस पार्क, मिलेंगे एक करोड़
योजना के तहत हर विधानसभा में दस-दस आंबेडकर पार्क का चयन किया जाएगा। एक पार्क के सौंदर्यीकरण पर करीब दस लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। हालांकि जिले को अभी तक बजट करीब एक करोड़ रुपये की ही स्वीकृति हुई है। बीते दिनों विभागीय बैठक में मंत्री ने इस संबंध में निर्देश दिए। इस स्थिति में जिला प्रशासन अपने स्तर से परीक्षण करेगा कि किस पार्क में कितनी धनराशि खर्च हो।

स्थल निरीक्षण के बाद होगा चयन
इसके लिए पहले आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद में अधिकारी पार्क में पहुंच कर स्थिति का जायजा लेंगे। स्थलीय निरीक्षण के बाद आने वाले आवेदनों में विकास संबंधी आगणन डीएम द्वारा चिन्हित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किया जाएगा। जिसकी मांग शासन को भेजी जाएगी।

यह होंगे कार्य
● टिकाऊ एवं मौसम प्रतिरोधी छत्र का निर्माण।

● अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पांच फीट ऊंची बॉउंड्रीवाल, रेलिंग या फेसिंग।

● हरित क्षेत्र का निर्माण।

● मूर्ति के प्लेटफॉर्म का निर्माण।

● बेंच एवं पाथ वे की व्यवस्था।

● रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था।

● मूर्ति के नाम एवं इतिहास को संक्षिप्त रूप से प्रदर्शिता करता हुआ बोर्ड।
लेखक के बारे में

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786