‘इस साड़ी को कार्यक्रम में पहनूंगी’: Droupadi Murmu ने प्रोटोकॉल तोड़कर देखी कारीगरी

भागलपुर.

अंग प्रदेश की लोककला मंजूषा राष्ट्रपति भवन तक पहुंची। राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में जब राष्ट्रपति ने मंजूषा कलाकृति से बनी साड़ी को देखा तो वे बोल उठीं, 'वाह, क्या रंग है। बेहतरीन कलाकारी है। इस साड़ी को हम कार्यक्रम में जाने के लिए पहनेंगे। इसे बनाने वाले कलाकार कौन हैं?”

राष्ट्रपति के यह बोलते ही मंजूषा गुरु मनोज पंडित को सामने लाया गया। राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए मनोज से निर्धारित दो मिनट के स्थान पर लगभग सात मिनट तक बातचीत की।

टूटी प्रोटोकॉल की औपचारिकता
मनोज को पहले बताया गया था कि उन्हें राष्ट्रपति से केवल दो मिनट बात करने का अवसर मिलेगा, लेकिन बातचीत निर्धारित समय से अधिक चली और प्रोटोकॉल की औपचारिकता टूट गई। मनोज पंडित के अनुसार, उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे राष्ट्रपति से दो मीटर की दूरी बनाए रखें। वे इसका पालन भी कर रहे थे। इस बीच बिहुला मंजूषा कला से बनी साड़ी राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए एक अन्य महिला कलाकार को आगे लाया गया।

साड़ी देख खुश हो गईं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति के हाथ में जैसे ही साड़ी आई, वे उसे देखकर प्रसन्न हो गईं। राष्ट्रपति स्वयं आगे आईं और मंजूषा कला तथा इसके तीन रंगों के बारे में जानकारी लेने लगीं। उन्हें बताया गया कि मंजूषा कला सातवीं शताब्दी की परंपरा है और इसमें केवल तीन रंगों का उपयोग होता है। पूरी जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति ने इस कला को बेहतरीन बताया और कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए।

मनोज पंडित ने कहा कि डीएम और नगर आयुक्त के सहयोग से मंजूषा कला राष्ट्रपति भवन तक पहुंच पाई है। आम लोगों का भी इसमें भरपूर सहयोग रहा है। उल्लेखनीय है कि मनोज पंडित को राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

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