आतंकी हाफिज सईद के राइट हैंड हमजा को PAK में मारी गोली, फिर सक्रिय हुआ अज्ञात गनमैन

 लाहौर
पाकिस्तान में एक बार फिर अज्ञात हमलावरों ने अपनी मौजूदगी से दहशत फैला दी है. नजारा कुछ-कुछ वैसा ही है जैसा हमने धुरंधर फिल्म में देखा था, चुपचाप आना, सटीक निशाना लगाना और फिर गायब हो जाना. इस बार इन बंदूकधारियों की हिटलिस्ट में था भारत का एक पुराना और खूंखार दुश्मन अमीर हमजा. लाहौर की सड़कों पर एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर उसे घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, जिसमें वह बुरी तरह जख्मी हो गया. फिलहाल, लश्कर का यह फाउंडर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है ।

हमलावरों ने जिस सफाई और सूझबूझ से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, उसने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. सरेआम हुई इस गोलीबारी ने एक बार फिर उन चर्चाओं को हवा दे दी है कि क्या पड़ोसी मुल्क में छिपे बैठे आतंकियों का सफाई अभियान अपने अगले चरण में पहुंच चुका है? हमजा को संभलने तक का मौका नहीं मिला और अब वह अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।

अब आप सोच रहे होंगे कि ये अमीर हमजा आखिर है कौन? तो आपको बता दें कि ये सिर्फ एक मामूली आतंकी नहीं है. अमीर हमजा को लश्कर-ए-तोयबा का रणनीतिक दिमाग माना जाता है. ये उन शुरुआती लोगों में से एक था, जिन्होंने हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर की नींव रखी थी. इसे संगठन का मुख्य विचारक कहा जाता है, यानी वो शख्स जो आतंकियों को तैयार करने के लिए उनका ब्रेनवॉश करता था. इसकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि अमेरिका ने इसे 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित कर रखा है ।

अमीर हमजा का काम सिर्फ बंदूक उठाना नहीं था, बल्कि वो लश्कर के लिए पैसा जुटाना, नए लड़कों की भर्ती करना और पकड़े गए आतंकियों को छुड़ाने के लिए सौदेबाजी करने में माहिर था. उसने लश्कर की मैगजीन का संपादन किया और जिहाद को बढ़ावा देने वाली किताबें भी लिखीं. जब 2018 में पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा और लश्कर पर कार्रवाई हुई, तो इसने 'जैश-ए-मनकाफा' नाम का एक नया मुखौटा तैयार कर लिया ताकि कश्मीर में दहशतगर्दी जारी रख सके।

क्या हकीकत बन रही है धुरंधर की कहानी?
अगर आप पिछला रिकॉर्ड देखें, तो ये किसी सस्पेंस फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है. इसी साल 2026 की शुरुआत में लश्कर कमांडर बिलाल आरिफ सराफी को ठिकाने लगाया गया. 2025 में झेलम में फैसल नदीम और सिंध में अबू सैफुल्लाह खालिद का भी यही हश्र हुआ. यहां तक कि कंधार विमान अपहरण (IC-814) का गुनहगार जाहूर मिस्त्री भी कराची में सरेआम मार गिराया गया था. अमीर हमजा पर हुए इस हमले ने अब आतंकियों के आकाओं की नींद उड़ा दी है. अब सवाल ये नहीं है कि हमला किसने किया, सवाल ये है कि अगला नंबर किसका है?

कौन है आमिर हमजा?
आमिर हमजा केवल एक सदस्य नहीं, बल्कि आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की नींव रखने वाला मुख्य चेहरा है। उसे लश्कर के वैचारिक प्रचार-प्रसार और फंड जुटाने का विशेषज्ञ माना जाता है। वह अफगानिस्तान में मुजाहिदीन के तौर पर भी लड़ चुका है। हमजा अपनी कट्टरपंथी विचारधारा और भड़काऊ भाषणों के लिए जाना जाता है। वह लश्कर की आधिकारिक पत्रिकाओं का संपादक रह चुका है और 'काफिला दावत और शहादत' जैसी कई विवादित पुस्तकें लिख चुका है।

अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने लश्कर को आतंकी संगठन घोषित करते हुए हमजा पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं।

साल 2018 में जब पाकिस्तान में जमात-उद-दावा (JuD) जैसे संगठनों पर वित्तीय कार्रवाई हुई तो हमजा ने दिखावे के लिए लश्कर से किनारा कर लिया था। हालांकि उसने 'जैश-ए-मनकफा' नाम से एक अलग गुट बना लिया। भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह गुट पाकिस्तान में स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना है।

हमजा अब भी लश्कर के शीर्ष नेतृत्व के साथ करीबी संपर्क में था और युवाओं की भर्ती व फंड जुटाने में अहम भूमिका निभा रहा था।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786