हरियाणा में निवेश बढ़ा, फूड प्रोसेसिंग और EV सेक्टर को बढ़ावा

 चंडीगढ़

हरियाणा में खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश के अवसर तेजी से बढ़े हैं। स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे अब 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषकर आइटी, एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और विनिर्माण क्षेत्र में उद्यमी काफी रुचि दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्यमियों के सम्मेलन में 12 देशों और 27 राज्यों के उद्योगपतियों को हरियाणा में निवेश का न्योता दिया। प्रदेश में ईज आफ डूइंग बिजनेस और ईज आफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग की 28 हजार इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। लाजिस्टिक्स में हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है।

जो प्रदेश कृषि और पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता था, वह अब नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनकर उभरा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। प्रदेश में 9500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं।

स्टांप ड्यूटी में भी छूट
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा भारत के निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जिसने वर्ष 2023–24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये के निर्यात हासिल किए हैं। इंटीग्रेटेड मिनी फूड पार्क योजना के तहत सी और डी श्रेणी के ब्लॉक में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये) तक पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है।

औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भूमि की खरीद या लीज पर स्टांप ड्यूटी में भी छूट दी जा रही है। डी श्रेणी के ब्लाक में 100 प्रतिशत, सी श्रेणी में 75 प्रतिशत और ए और बी में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से एकीकृत आनलाइन पोर्टल पर 230 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों को सरल बनाया गया है ताकि नियामक बोझ को कम किया जा सके।

उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा आइटी और आइटीईएस के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बरवाला, पंचकूला में विकसित किए जा रहे आगामी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया।

कई बड़े प्रोजेक्ट जल्द चढ़ेंगे सिरे
कई प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें आइएमटी सोहना में 500 एकड़ में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नारनौल में एकीकृत मल्टी-माडल लाजिस्टिक्स हब और हिसार में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर शामिल हैं। आइएमटी मानेसर की तर्ज पर राज्यभर में 10 नए इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं।

 

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