परसदा में सरकारी जमीन पर फ्लर्टिंग की परंपरा हुई तेज

बिलासपुर
  प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दोनों शहर से लगे ग्राम पंचायत परसदा में इन दिनों भूमाफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आ रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। कई लोगों ने बताया किआरोप है ग्राम परसदा पटवारी हल्का क्रमांक 47र. म.पेंडारी के खसरा क्रमांक 
1।  262/2/10 ,2।  258/3
3।  258/11,4।  257/2
5।  329/16,6।  330/2
7।  333/3,8।  321/5/1
9।  336/1/2,10।  335/1/4

11।  249/8 अलग-अलग खसरों को जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे भी प्लाटिंग के रूप में बेचा जा रहा है। इस गंभीर मामले ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी पर जमीन कब्जा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भूमाफिया पहले कृषि भूमि को अपने कब्जे में लेते हैं, फिर बिना किसी वैधानिक अनुमति के उसे छोटे-छोटे प्लॉट में विभाजित कर देते हैं। इसके लिए न तो भूमि का डायवर्शन कराया जाता है, न ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसी) की अनुमति ली जाती है और न ही RERA के तहत पंजीयन कराया जाता है। इसके बावजूद खुलेआम प्लॉटों की बिक्री जारी है।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस अवैध प्लाटिंग के लिए सरकारी जमीन तक को नहीं छोड़ा जा रहा। आरोप है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर उसे भी प्लॉटिंग में शामिल किया जा रहा है, जिससे शासन को सीधे तौर पर राजस्व की हानि हो रही है। अलग-अलग खसरों को मिलाकर एक कॉलोनी का स्वरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को भ्रमित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है
 कि इन अवैध कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही भविष्य की कोई कानूनी सुरक्षा। सड़क, नाली, पानी, बिजली जैसी व्यवस्थाएं पूरी तरह से नदारद हैं, जिससे यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भविष्य में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यवाही कब
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल इस पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को इसकी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भूमाफियाओं के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं।

जनता की मांग – सख्त कार्रवाई हो ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि परसदा में चल रहे इस अवैध प्लाटिंग के खेल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले और अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
राजस्व की चोरी
यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह अवैध कारोबार और भी फैल सकता है, जिससे शासन को भारी नुकसान और आम जनता को धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब और कितनी सख्ती से कदम उठाता है।

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