जहानाबाद में सैरात पर संग्राम,एक ही जमीन पर दो निकायों ने कर दी बंदोबस्ती

जहानाबाद
जहानाबाद जिले में सैरात (हाट-बाजार) की बंदोबस्ती को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। “माल महाराज के, मिर्जा खेले होली” वाली कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आ रही है, जहां एक ही जमीन पर नगर पंचायत और जिला परिषद दोनों ने बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है और दोनों निकायों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

एक ही जमीन पर दो-दो बंदोबस्ती
मामला घोषी नगर पंचायत का है, जहां जिला परिषद जहानाबाद की सैरात की जमीन पर नगर पंचायत द्वारा भी निविदा निकालकर बंदोबस्ती कर दी गई। वहीं, जिला परिषद पहले से ही उसी सैरात की बंदोबस्ती के लिए प्रक्रिया चला रहा था। ऐसे में एक ही जमीन पर दो अलग-अलग बंदोबस्ती होने से स्थिति असाधारण हो गई और विवाद गहरा गया।

DDC प्रीति एक्शन मोड में
मामला सामने आते ही जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रीति एक्शन मोड में आ गईं। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पंचायत घोषी द्वारा की गई बंदोबस्ती को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही, 24 घंटे के भीतर नगर पंचायत घोषी के कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

जिला परिषद की जमीन पर वर्षों से लग रहा सैरात
जानकारी के मुताबिक, घोषी नगर पंचायत मुख्यालय में जिला परिषद की खतियानी जमीन पर कई वर्षों से सैरात लगता आ रहा है। हर साल की तरह इस वित्तीय वर्ष में भी जिला परिषद ने विधिवत विज्ञापन निकालकर बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन इसी बीच नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने भी उसी जमीन पर सैरात के लिए निविदा जारी कर दी, जिसे नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।

कानून क्या कहता है?
जिला परिषद के अधिकारियों का कहना है कि बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 100 के अनुसार, जिला परिषद की परिसंपत्ति नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत के अधीन नहीं होती। इसका साफ मतलब है कि जिला परिषद की स्वामित्व वाली जमीन पर नगर निकाय किसी भी तरह का बाजार या सैरात की बंदोबस्ती नहीं कर सकते। वहीं, नगर पंचायत घोषी के मुख्य पार्षद का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र के अंदर जो भी खाली जमीन है, वह नगर पंचायत की मानी जाती है और इस संबंध में पहले से आदेश भी जारी है।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786