शिक्षा से बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य, मंत्री विजय शाह की अपील- ‘हर बच्चा स्कूल जाए’, सरकार देगी पूरी सुविधाएं

भोपाल
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने सभी जनजातीय परिवारों से अपने बच्चों को शाला भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि शिक्षा से ज्यादा मूल्यवान कुछ नहीं है। ज्ञान से ही सुनहरे भविष्य का निर्माण होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय परिवारों की नई पीढ़ी को शैक्षणिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए संकल्पित है।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। केन्द्र सरकार के सहयोग से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्थाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। आज न तो शिक्षकों की कमी है और न ही स्कूली अधोसंरचना में कोई कमी है। सभी अभिभावकगण अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहें। उन्होने जनजातीय क्षेत्रों में काम कर रही स्वयं सेवी संस्थाओं और शासकीय योजनाओं और परियोजनाओं में काम कर रहे अमले से भी अपील की है कि वे स्कूल जाने योग्य बच्चों को शालाओं में प्रवेश दिलवाने में मदद करें और अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभायें।

शिक्षा की पूरी व्यवस्था
केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय से शत-प्रतिशत अनुदान पर प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन 63 विद्यालयों में वर्तमान में 25 हजार विद्यार्थी आवासीय सुविधा के साथ अध्ययनरत है मंत्री डॉ. शाह ने जनजातीय क्षेत्रो में शिक्षा अधोसंरचना और सुविधाओं में हुए विस्तार की चर्चा करते हुए कहा कि कक्षा 11 वीं, 12 वीं एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। वर्ष 2024-25 में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत एक लाख 92 हजार विद्यार्थियों को राशि रूपये 348 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई है। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि 4485 उच्च माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक (खेलकूद), शिक्षक गायन-वादन, प्राथमिक शिक्षक (नृत्य) एवं प्राथमिक शिक्षक (विज्ञान) के पदों पर भर्ती की जा रही है।

जनजातीय वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को कक्षा 11 वीं एवं 12 वीं में राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे- जे.ई.ई. एवं नीट की परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से इन्दौर एवं भोपाल संभाग मुख्यालय पर कोचिंग दी जा रही है।

स्कूली अधोसंरचना में अभूतपूर्व सुधार
विभाग के 1078 आश्रम, 197 जूनियर छात्रावास, 1032 सीनियर छात्रावास, 210 सीनियर छात्रावास, 154 महाविद्यालयीन छात्रावास संचालित हैं। इनमें 01 लाख 49 अधिक विद्यार्थी निवासरत हैं। इसके अलावा विभाग में लगभग 23 हजार प्राथमिक शालाएँ, 8 सौ माध्यमिक शालाएँ, 1100 हाईस्कूल, 900 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं 26 क्रीड़ा परिसर है। विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, बिजली, पानी, खेल-कूद की सुविधाएं दी जा रही है।

भोजन व्यवस्था पर पिछले वित्तीय वर्ष में 263 करोड़ 33 लाख की राशि व्यय की जा चुकी है। जनजातीय परिवार के विद्यार्थियों को सुविधा के लिए सभी जनजातीय 89 विकासखण्डों और 6 विशेष पिछड़ी जनजाति जिलों में कुल 380 बारहमासी छात्रावास /आश्रम का संचालन किया जा रहा है।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जिन महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता, उनके लिए आवास भत्ता योजना चलाई जा रही है। इसमें भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन इंदौर संभागीय मुख्यालयों में 2000 रूपये प्रतिमाह, अन्य जिला एवं सम्भागीय मुख्यालयों पर 1250 रूपये प्रतिमाह तथा विकासखण्ड स्तर पर 1000 रूपये प्रतिमाह की दर से आवास भत्ता अब तक दिया जा रहा है। लगभग 01 लाख 40 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सांदीपनि विद्यालयों आधुनिक परिवेश एवं संसाधनों के साथ शिक्षा की व्यवस्था की गई है। खेल-कूद एवं साहित्यिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर भवनों और विद्यालयीन छात्रावास भवनों का निर्माण किया जा रहा है।

 

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