चंडीगढ़
नया वित्त वर्ष बदलने के साथ ही आज से कई तरह के चार्ज भी बढ़ गए हैं। पहली अप्रैल से वाटर टैरिफ पांच प्रतिशत बढ़ गया है। सीवरेज सेस में भी बढ़ोतरी हो गई है यह बढ़कर ही पानी के बिल में जुड़ेगा। अभी तक 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है।
60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। निगम ने प्रापर्टी मालिकों को राहत देते घोषणा की है कि 31 मई तक प्रापर्टी टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी।
यह छूट रिहायशी संपत्तियों पर 20 प्रतिशत तक और कमर्शियल, इंडस्ट्रियल व अन्य संपत्तियों पर 10 प्रतिशत तक लागू होगी। 31 मई के बाद टैक्स जमा करने वालों पर 25 तक पेनल्टी और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जा सकता है। पिछले वर्ष निगम ने रिकार्ड प्रापर्टी टैक्स जमा किया था।
प्रॉपर्टी खरीदना हुआ और महंगा
शहर में कलेक्टर रेट में 10% से लेकर 22% तक की बढ़ोतरी की गई है। रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि भूमि सभी इसके दायरे में हैं।
सेक्टर 1 से 12 में दरें अब ₹2.37 लाख प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई हैं।
सेक्टर 14 से 37 के लिए ₹1.81 लाख प्रति वर्ग गज तय किया गया है।
बाहरी सेक्टरों (38 और आगे) में यह ₹1.33 लाख प्रति वर्ग गज हो गया है।
फ्लैट और मकानों के लिए भी अलग-अलग फ्लोर के हिसाब से नई दरें लागू हुई हैं। कॉर्नर प्रॉपर्टी पर 5% अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जबकि रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 25% से ज्यादा अतिरिक्त फीस लगेगी।
पानी के बिल में भी बढ़ोतरी
पानी की दरों में मामूली लेकिन असरदार इजाफा किया गया है।
0–15 किलोलीटर पानी अब ₹3.64 प्रति किलोलीटर मिलेगा।
ज्यादा खपत पर अतिरिक्त चार्ज बढ़ेगा।
हालांकि कम खपत वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रहेगा, लेकिन कुल बिल में हल्की बढ़ोतरी तय है। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए अप्रैल से जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कूड़ा उठाने का शुल्क बढ़ा
नगर निगम ने घरों से कचरा उठाने की फीस में 5% तक की वृद्धि की है।
छोटे घरों से लेकर बड़े कोठियों तक सभी श्रेणियों में चार्ज बढ़ा है।
2 मरला तक के घरों के लिए शुल्क ₹60 से अधिक हो गया है, जबकि बड़े घरों के लिए ₹425 तक पहुंच गया है।
बिजली बिल में भी असर
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए पहले स्लैब (0–100 यूनिट) में दर बढ़ाकर ₹2.95 प्रति यूनिट कर दी गई है।
100 यूनिट इस्तेमाल करने वालों को अब ₹15 ज्यादा देने होंगे।
200 यूनिट तक खपत करने वालों के बिल में भी हल्की बढ़ोतरी देखी जाएगी।
शराब भी हुई महंगी, बिक्री के नए विकल्प
नई एक्साइज पॉलिसी लागू होने के साथ शराब की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।
₹500 की बोतल अब करीब ₹510 में मिलेगी।
₹2000 की बोतल की कीमत ₹2040 तक पहुंच गई है।
खास बात यह है कि अब शहर में पेट्रोल पंप और किराना दुकानों पर भी शराब उपलब्ध होगी, जिससे इसकी पहुंच और आसान हो जाएगी।
डोमेस्टिक कंज्य के लिए नई पानी की दरें
| खपत की सीमा (केएल में) | नई दर (रुपये प्रति केएल) |
| 01-15 | 3.64 |
| 16-30 | 7.30 |
| 31-60 | 12.16 |
| 60 से अधिक | 24.31 |
अन्य कंज्यूमर के लिए नई पानी की दरें (1 अप्रैल से प्रभावी)
| कंज़्यूमर का प्रकार | नई दर (रुपये प्रति केएल) |
| कमर्शियल | 36.47 |
| इंस्टीट्यूशनल | 30.39 |
| टैक्सी स्टैंड | 36.47 |









