चंडीगढ़
पंजाब और चंडीगढ़ में 31 मार्च को मौसम ने फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने पूरे क्षेत्र के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। यह बदलाव पहले से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के दस जिलों में आंधी आने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), तरनतारन, अमृतसर, कपूरथला और जालंधर शामिल हैं। इन इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले क्षेत्रों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि यह स्थिति दिनभर बनी रह सकती है और शाम तक कुछ स्थानों पर प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है।
कई जिलों में बारिश के आसार
राज्य के 22 जिलों में अलग-अलग स्तर पर बारिश की संभावना जताई गई है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में छिटपुट स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। बारिश के इस दौर से जहां तापमान में संतुलन बना हुआ है, वहीं किसानों के लिए भी यह राहत और चिंता दोनों का कारण बन सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पिछले 24 घंटे का मौसम हाल
बीते दिन सुबह से शाम तक पंजाब के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। कई मौसम केंद्रों पर शून्य मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिसमें पठानकोट के थिन डैम क्षेत्र में 5.5 मिलीमीटर और फिरोजपुर में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। राज्य के प्रमुख शहरों में इस दौरान कोई उल्लेखनीय वर्षा रिकॉर्ड नहीं की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी हुई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय सक्रिय है। यह सिस्टम उत्तर ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में 3.1 से 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ एक ट्रफ भी बना हुआ है, जो मौसम को और अधिक अस्थिर बना रहा है।
इसके प्रभाव से एक और चक्रवाती परिसंचरण, जो पहले उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर था, अब पंजाब और आसपास के हरियाणा क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है। यह परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जिससे क्षेत्र में बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार 31 मार्च, 1 अप्रैल और 3 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद भी कुछ स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद फिर से तापमान में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा।








