भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने जरूरी वॉर्निंग जारी की है, जिसमें स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर और स्मार्टवॉच यूजर्स को सावधान रहने को कहा है. ये वॉर्निंग इंडियन कंप्यूटर इमरजेंस रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की तरफ से जारी की गई है और ऐपल डिवाइसों के लिए है.
वॉर्निंग में iPhone, आइपैड, मैक ऐपल वॉच डिवाइसों में कई कमजोरियों को डिटेक्ट किया गया है, जिनको वल्नरबिलिटीज का नाम दिया जाता है. 26 मार्च 2026 पर इसको लेकर एडवाइजरी जारी की गई है.
CERT-In की एडवाइजरी में बताया गया है कि इन खामियों का फायदा साइबर ठग फायदा उठा सकते हैं. इसके बाद वे डिवाइस में मौजूद है संवेंदनशील डेटा को चोरी कर सकते हैं. यहां तक कि बैंकिंग डिटेल्स बी हासिल कर करते हैं.
CERT-In की तरफ जारी एडवाइजरी में बताया गया है ये खामियां Apple के सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम के अलग-अलग हिस्सों में जैसे सिस्टम कंपोनेंट्स और सिक्योरिटी मैकेनिज्म के अंदर मौजूद हैं. इन्ही की वजह से साइबर अटैकर सिस्टम के व्यवहार में छेड़छाड़ कर सकते हैं या सिक्योरिटी वॉल को बाईपास कर सकते हैं.
Apple के कई डिवाइस और पुराने सॉफ्टवेयर वर्जन पर खतरा
iOS और iPadOS (26.4 और 18.7.7 से पहले के वर्जन)
macOS Tahoe (26.4 से पहले के वर्जन)
macOS Sequoia (15.7.5 से पहले)
macOS Sonoma (14.8.5 से पहले)
Safari (26.4 से पहले)
watchOS, tvOS और visionOS (26.4 से पहले)
Apple Xcode (26.4 से पहले)
क्या-क्या खतरे हो सकते हैं?
CERT-In की एडवाइजरी में बताया गया है कि ये खामियां डिवाइस को अलग-अलग तरीके से नुकसान पहुंचा सकती हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं.
डेटा चोरी हो सकता है
मैलवेयर फैल सकता है
डिवाइस क्रैश हो सकता है
बिना अनुमति एक्सेस मिल सकती है
बचाव के लिए क्या-क्या करना चाहिए
CERT-In की तरफ से बताया गया है कि सभी यूजर्स को अपने ऐपल डिवाइसेस को लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट के सिस्टम तुरंत अपडेट करना चाहिए. अक्सर लोग अपने डिवाइस को अपडेट नहीं करते हैं. कंपनियां अक्सर सिक्योरिटी अपडेट जारी करती हैं, जो नए खतरों से बचाने में मदद करती हैं.









