सिर दर्द की जड़ दिमाग में नहीं, आपके पेट में है, आयुर्वेद ने बताया खराब पाचन और भारीपन का गहरा कनेक्शन

अक्सर ज्यादा काम करने से या फिर तनाव लेने से सिर दर्द होना आम बात है, लेकिन अगर बार-बार सिर दर्द या भारीपन की समस्या होती है तो इसका कारण पेट का खराब पाचन है. सिर दर्द होने पर हम तुरंत पेन किलर लेकर दर्द में आराम पा लेते हैं, लेकिन यह अस्थायी इलाज है क्योंकि सिर दर्द की असल वजह पेट का खराब पाचन है, न कि मस्तिष्क से जुड़ा कारण.

सिरदर्द का है पाचन से कनेक्शन

बार-बार होने वाला सिर दर्द को आयुर्वेद में गंभीर माना गया है क्योंकि आयुर्वेद के मुताबिक सिर और पाचन शक्ति का आपस में गहरा संबंध होता है. यह हमारे शरीर का 'उत्तम अंग' है, जो इस बात का संकेत देता है कि शरीर में कुछ तो गड़बड़ी चल रही है. इसलिए बार-बार होने वाले सिर दर्द को बिल्कुल भी अनदेखा न करें. आयुर्वेद में माना गया है कि जब भी खाने पचने में गड़बड़ी होती है तो वात, पित्त और कफ असंतुलित होकर मस्तिष्क की नसों पर प्रभाव डालती है. कभी यह गैस बनकर पेट और सीने में जलन पैदा करती है, तो कभी कब्ज बन कर सिर और शरीर दोनों को भारी महसू कराती है. यही कारण है कि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने के बाद तन और मन दोनों तरोताजा महसूस करते हैं.

कैसे करें बचाव

अब सवाल है कि इससे बचने के लिए क्या करें. आयुर्वेद इसके लिए नस्य क्रिया करने की सलाह देता है. इसमें नाक में कुछ बूंदें तेल की डालनी होती हैं, जो मस्तिष्क पर पड़ने वाले दबाव को कम करती हैं और शरीर में असंतुलित पित्त को कम करती हैं.

दूसरा तरीका

दूसरा तरीका है धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी. इसके लिए धनिया और मिश्री को साथ रात के समय भिगो दें और सुबह इसे पी लें. यह पानी कब्ज को तोड़ने का काम करता है. अगर पेट ठीक से साफ नहीं होता है, तो धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी कब्ज को तोड़कर पेट को साफ करने में मदद करेगा.

तीसरा तरीका

तीसरा और प्रभावी तरीका है सोंठ का लेप. अगर बार-बार सिर-दर्द परेशान कर रहा है और दवा लेकर परेशान हो गए हैं, तो माथे पर सोंठ का लेपन करने से दर्द में आराम मिलेगा. सोंठ को पानी के साथ मिलाकर माथे पर लगाए.

 

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