चंडीगढ़
सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने लोकसभा में स्मार्ट सिटी मिशन के क्रियान्वयन में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और अधूरी परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के फरीदाबाद और करनाल सहित देश के कई शहरों में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का काम अपेक्षित गति से नहीं हुआ है और अनेक योजनाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों शहरों में कुल 167 परियोजनाओं में से जून 2024 तक केवल 112 परियोजनाएं ही शुरू की जा सकीं, जबकि उनमें से भी 67 परियोजनाओं में तीन से चार वर्ष तक की देरी हुई है। नगर स्तरीय निगरानी समिति की 133 निर्धारित बैठकों के स्थान पर केवल 10 बैठकें आयोजित की गईं, जिससे परियोजनाओं की सही समीक्षा और निगरानी नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार 3896.82 करोड़ रुपये की प्रस्तावित वित्तीय व्यवस्था के मुकाबले केवल 1825.86 करोड़ रुपये (लगभग 46.86 प्रतिशत) ही जुटाए जा सके। इसके अलावा करनाल में 356.87 करोड़ रुपये ऐसे कार्यों पर खर्च किए गए जो चिन्हित विकास क्षेत्र से बाहर थे। साथ ही परियोजनाओं की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन भी नहीं कराया गया। कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि इन अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच करवाई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए।
मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक मान्यवर कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग का कुमारी सैलजा ने समर्थन किया है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी का संघर्ष करोड़ों बहुजनों को अधिकार, हिस्सेदारी और आत्मसम्मान की राह दिखाने वाला रहा है। ऐसे महान समाज सुधारक को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाना देश की सामाजिक न्याय की भावना को और मजबूत करेगा।









