‘2016 की हिंसा सोची-समझी साजिश थी’— जाट आंदोलन मामले में बरी राहुल दादू के गंभीर आरोप

रोहतक.

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर जलाने के मामले में बरी हुए गांव कबूलपुर के राहुल दादू ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कई बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 2016 के आंदोलन के दौरान हरियाणा में हुई हिंसा के पीछे एक बड़ी साजिश थी और कई युवाओं को इसका शिकार बनाया गया।

राहुल दादू ने कहा कि पुलिस ने जिन लोगों के पास से सामान बरामद किया, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि निर्दोष होने के बावजूद उनके ऊपर आठ केस दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में उन्हें और उनके साथियों को काफी मानसिक और सामाजिक पीड़ा सहनी पड़ी है। साथ ही बताया कि इन आरोपों के कारण उन्हें जिला परिषद चुनाव में भी उतरने नहीं दिया। उनकी जगह भाई जयदेव को नामांकन कर चुनाव लड़ना पड़ा।

दादू ने कहा कि युवाओं की कैप्टन अभिमन्यु से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, बल्कि उनकी लड़ाई सरकार से थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उस समय कैप्टन अभिमन्यु वित्त मंत्री थे, फिर भी उनकी कोठी पर पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं थी। वहीं उन्होंने कहा कि बयानों में एक बड़े कांग्रेस नेता पर आरोप लगाए गए, लेकिन उनका नाम वित्तमंत्री ने अपनी एफआइआर में दर्ज नहीं करवाया। उन्होंने कहा कि कई युवाओं को बिना ठोस सबूत के मामलों में फंसाया गया, जबकि अदालत ने उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत बरी किया है। दादू ने कहा कि आंदोलन की मूल मांग केवल आरक्षण थी, लेकिन इसे कई अन्य मुद्दों से जोड़कर बड़ा विवाद बना दिया गया।

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