ईरान तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका बढ़ाएगा हथियार उत्पादन चार गुना

वॉशिंगटन
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की तानातनी जारी है। दोनों तरफ से लगातार आठ दिनों से हमले हो रहे हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका अपने हथियारों का उत्पादन चार गुना करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' पर पोस्ट कर लिखा, "हमने अभी-अभी अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ एक बहुत अच्छी मीटिंग खत्म की है, जहां हमने प्रोडक्शन और प्रोडक्शन शेड्यूल पर चर्चा की। वे “एक्सक्विजिट क्लास (उत्तम श्रेणी के हथियार)” हथियारों का प्रोडक्शन चार गुना करने पर सहमत हुए हैं। हम जितनी जल्दी हो सके, क्वांटिटी के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंचना चाहते हैं।"

ट्रंप ने आगे लिखा, "मीटिंग से तीन महीने पहले एक्सपेंशन शुरू हो गया था और इनमें से कई हथियारों के प्लांट और प्रोडक्शन पहले से ही चल रहे हैं। हमारे पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड म्यूनिशन्स की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है, जिसका इस्तेमाल हम, उदाहरण के लिए, ईरान में कर रहे हैं, और हाल ही में वेनेजुएला में किया है। फिर भी, हमने इन स्तरों पर आर्डरों को भी बढ़ाया है।" उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों ने रिप्रेजेंट किया, उनमें बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और रेथियॉन के सीईओ शामिल थे। देश भर के राज्य इन नए प्लांट्स के लिए बिड लगा रहे हैं।

दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया कि अमेरिका की यह इच्छा है कि वो तेहरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करे, लेकिन सपना उसके मरते दम तक पूरा नहीं होगा। ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि अमेरिका का बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को शुक्रवार को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि आत्मसमर्पण के बाद ही कोई समझौता हो पाएगा।

इसके साथ ही पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया कि देश के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने का प्रयास करेगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के आठवें दिन पेजेशकियान का यह बयान सामने आया। 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत से अब तक ईरान इजरायल समेत मध्य पूर्व के 10 से ज्यादा देशों को निशाना बना चुका है।

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