बुमराह ने खोला वेस्टइंडीज मैच का राज, टर्निंग पॉइंट बताया पर संजू सैमसन का जिक्र नहीं

नई दिल्ली
संजू सैमसन की यागदार पारी के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। वेस्टइंडीज ने ईडन गार्डन्स में 196 रनों का टारगेट दिया था, जिसे भारत ने 19.2 ओवर में चेज किया। ओपनर सैमसन ने आखिरी सुपर-8 मैच में 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाए। उन्होंने 12 चौके और चार छक्के लगाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। हालांकि, भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का मानना है कि मैच का टर्निंग पॉइंट सैमसन की पारी नहीं बल्कि शिवम दुबे के दो चौके थे। दुबे ने चार गेंदों में नाबाद 8 रन बनाए। बता दें कि भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत होगी। यह मैच पांच मार्च को मुंबई के मैदान पर आयोजित होगा।

'दो चौकों की कोई अहमियत नहीं लेकिन…'
बुमराह ने वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रभावी गेंदबाजी की। उन्होंने चार ओवर के स्पेल में 36 रन देकर दो अहम विकेट चटकाए। मैच के बाद बुमराह से जब आईसीसी से बातचीत के दौरान टर्निंग पॉइंट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''दुबे ने जो दो चौके लगाए। उनकी भले ही क्रिकेट बुक्स और आंकड़ों में कोई अहमियत नहीं लेकिन जो लोग वाकई क्रिकेट जानते हैं, उनकी नजर में अहमियत है। उन दो चौकों से आखिरी ओवर में हमारे ऊपर से प्रेशर कम हुआ कभी-कभी आखिरी ओवर में 8-9 रन भी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।'' हार्दिक पांड्या (17) के आउट होने के बाद बैटिंग करने आए दुबे ने शमार जोसेफ द्वारा डाले गए 19वें ओवर की तीसरी और पांचवी गेंद को बाउंड्री के पार भेजा था। ऐसे में भारत को 20वें ओवर में महज 7 रनों की जरूरत थी। वेस्टइंडीज ने आखिरी ओवर में रोमारियो शेफर्ड को गेंद थमाई। सैमसन ने पहली गेंद पर छक्का और दूसरी पर चौका लगाकर भारत को जीत की दहलीज पार कराई।

कोच गौतम गंभीर ने भी दुबे की तारीफ की
बुमराह के अलावा हेड कोच गौतम गंभीर ने भी दुबे के दो चौकों की अहमियत का जिक्र किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''मुझे खुशी है कि आप सभी के योगदान के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि कई वर्षों से हम केवल कुछ विशेष योगदानों के बारे में ही बात करते रहे हैं। यह एक टीम गेम है और यह हमेशा टीम गेम ही रहेगा। मेरे लिए शिवम के दो चौके भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने संजू के 97 रन, क्योंकि अगर उसने वे दो चौके नहीं लगाए होते तो आप उस (97 रन की पारी) के बारे में बात भी नहीं करते।'' उन्होंने कहा, '''बड़ा योगदान सुर्खियां बटोरता है, लेकिन छोटा योगदान भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वह टीम को जीत दिलाने में मदद कर सकता है, उसे लक्ष्य तक पहुंचा सकता है। इसीलिए मैं कहता हूं कि जब तक मैं इस पद पर हूं, हमारी आगे भी यही नीति रहेगी।''

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