8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव! कर्मचारियों को मिल सकते हैं 5 प्रमोशन, सैलरी बढ़ोतरी का नया फॉर्मूला

नई दिल्ली
केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वैसे तो वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने में 18 महीने या उससे ज्यादा का समय लग सकता है लेकिन इससे पहले कर्मचारियों की डिमांड जारी है। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) और NC-JCM की मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में रक्षा, रेलवे, डाक, आयकर, लेखा एवं लेखा परीक्षा सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

क्या है डिमांड?
इस बैठक में केंद्र सरकार के सैलरी स्ट्रक्चर, प्रमोशन पॉलिसी, एनुअल सैलरी इंक्रीमेंट और पेंशन सुधार जैसे विषय पर चर्चा हुई। बैठक में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। कर्मचारी संगठनों ने प्रत्येक कर्मचारी को सेवा अवधि में कम से कम पांच प्रमोशन सुनिश्चित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि निचले स्तर पर काम कर रहे प्रतिभाशाली कर्मचारियों में सीमित प्रमोशन अवसरों के कारण निराशा बढ़ रही है। संगठनों की मांग है कि कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए।

इसके अलावा, पेंशन व्यवस्था पर भी जोरदार बहस हुई। प्रतिनिधियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की पुरानी मांग दोहराई। बैठक में फैमिली यूनिट की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सैलरी निर्धारण में माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए, इसलिए परिवार इकाई का दायरा बढ़ाया जाए।

18 सवालों के जवाब देने पर बनी सहमति
ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन के महासचिव सी. श्रीकुमार के मुताबिक 8वें वेतन आयोग द्वारा वेबसाइट पर पूछे गए 18 सवालों के जवाब तय समयसीमा के भीतर भेजने पर सहमति बनी है। अगले 10 से 15 दिनों में सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को समेटते हुए एक ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने और इंटरनेट जैसी सेवाओं के लिए भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बता दें कि 10 मार्च को अगली बैठक में साझा ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद इसे 1-2 सप्ताह के भीतर 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने की संभावना है।

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