चाईबासा
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित सारंडा वन क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों की एक कायराना करतूत सामने आई है। छोटानागरा थाना अंतर्गत चडरीडेरा गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 के दो जवान घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन चला रहे थे।
भीषण विस्फोट और जवानों की स्थिति
नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम जैसे ही चडरीडेरा गांव के समीप पहुंची, पहले से घात लगाकर बिछाए गए आईईडी में जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में दो जवान घायल हुए हैं:
हवलदार दिनेश राउत: महाराष्ट्र के रहने वाले दिनेश राउत इस विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनका बायां पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
बलजिंदर सिंह: पंजाब के रहने वाले जवान बलजिंदर सिंह को शरीर में स्पलिंटर (विस्फोटक के टुकड़े) लगने से चोट आई है। हालांकि, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई है।
तत्काल रेस्क्यू और एयरलिफ्ट
विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। घायल जवानों को जंगल से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
चाईबासा के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी संगठन के खिलाफ पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान लगातार जारी है। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जगह-जगह आईईडी बिछा रखे हैं।
घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा और अभियान और भी तेज किया जाएगा। सारंडा और कोल्हान का यह इलाका लंबे समय से नक्सली आईईडी का केंद्र बना हुआ है।
हाल ही के दिनों में इन विस्फोटों की चपेट में आकर दो स्थानीय ग्रामीणों की भी जान जा चुकी है। नक्सली अपनी पकड़ कमजोर होते देख अब इस तरह के 'अदृश्य हमलों' का सहारा ले रहे हैं, जो सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।








