कोरोना जैसे लक्षण, फेफड़ों में एलर्जी और हाई ग्रेड फीवर: मरीजों की संख्या बढ़ी, डॉक्टर्स की चिंता

भोपाल 

 मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते गले में दर्द, खांसी और हाई ग्रेड फीवर के मरीज बढ़ने लगे हैं। कई मरीजों में स्वाद और गंध न आने जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ी है।

कोरोना जैसे लक्षण

अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें कोरोना जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जांच में रिपोर्ट सामान्य आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार इनमें बड़ी संख्या फेफड़ों की एलर्जी से पीडि़त मरीजों की है। वायरल संक्रमण के बाद खांसी लंबे समय तक बनी रह रही है।

ओपीडी में रोज 5 हजार से अधिक मरीज

जेपी और हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से आधे से ज्यादा मरीज मौसम में बदलाव से होने वाली बीमारियों से पीडि़त हैं। आंकड़ों के अनुसार एक माह में दोनों अस्पतालों में कुल 1.30 लाख मरीज पहुंचे।

40 फीसदी मरीज पोस्ट ब्रोन्काइटिस एलर्जी के शिकार

क्षेत्रीय श्वसन रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पराग शर्मा बताते हैं कि बार-बार सर्दी और गर्मी बदलने से बुखार, गले में खराश और वायरल की शिकायतें बढ़ी हैं। करीब 40 फीसदी मरीजों में पोस्ट ब्रोंकाइटिस एलर्जी पाई जा रही है। इनमें बलगम के साथ खांसी, हल्की घरघराहट और सीने में जकडऩ जैसे लक्षण मिल रहे हैं। कई मरीजों में सूखी खांसी दो या उससे अधिक हफ्तों तक ठीक नहीं हो रही।

श्वसन वायरस पहले से ज्यादा सक्रिय

श्वसन औषधि विशेषज्ञ डॉ. गौरव साहु के अनुसार इन्फ्लुएंजा और रेस्पिरेटरी सिंसिशियल जैसे सामान्य श्वसन वायरस पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और संक्रामक हो गए हैं। तापमान में लगातार बदलाव के कारण इनके फैलने की गति तेज हुई है। मेडिसिन विशेषज्ञ और जेपी अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव बताते हैं कि कई मरीजों को बुखार नहीं होता, लेकिन उनका सामान्य वायरल एलर्जिक ब्रोन्काइटिस में बदल जाता है।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786