झारखंड में पेयजल योजनाओं को मिली गति, तीन लाख घरों तक पहुंचेगा नल का पानी

रांची.

राज्य में पेयजल आपूर्ति के लिए चल रही योजना में धन की उपलब्धता से अब कार्य में तेजी आएगी। पेयजल स्वच्छता विभाग बोकारो, गढ़वा और साहिबगंज की शहरी जलापूर्ति योजना को पूरा करने में लगा है। केंद्र सरकार ने राज्यांश के तहत 2800 करोड़ से अधिक की राशि खर्च करने की स्वीकृति दे दी है।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन योजनाओं में सत्तर प्रतिशत से ज्यादा काम हो चुका है उन्हें अगले दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा हर घर नल योजना के तहत तीन लाख नए घरों में जलापूर्ति प्रारंभ हो जाएगी। इन घरों में पाइप बिछाने का काम पूरा हो गया है। बता दें कि जल जीवन मिशन योजना के तहत राज्य में 65 लाख घरों तक पाइप से पानी पहुंचाना है।

नए वित्त वर्ष में भी मिलनी है तीन हजार करोड़ की राशि
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2500 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। अब नए वित्त वर्ष में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय राज्य को तीन हजार करोड़ की राशि देगा। इससे जलापूर्ति योजनाओं के लिए आवंटन का संकट समाप्त हो जाएगा।
पिछले दिनों राज्य सरकार ने कई बार पत्र लिखकर जलशक्ति मंत्रालय से राज्यांश की राशि देने को कहा था। राशि के अभाव में सात से अधिक जलापूर्ति योजनाओं का काम बंद पड़ा है।

अभी 35 लाख घरों तक पहुंचा नल से जल
जल जीवन मिशन योजना के तहत राज्य में 65 लाख घरों का कवरेज होना है। लेकिन अभी तक केवल 35 लाख घरों में ही नल से जल पहुंचा है। जल जीवन मिशन योजना राज्य के 263 प्रखंड के 4296 पंचायतों में लागू की गई है। 2028 से पहले इस योजना को राज्य में पूर्ण करना है। अभी 122 गांव ऐसे हैं जहां योजना नहीं पहुंची है।

योजना पूरी होने पर करना है जियो टैगिंग
जल जीवन मिशन के तहत घरों में जलापूर्ति प्रारंभ होने के बाद उसकी जियो टैगिंग भी करनी है। राज्य में जिन घरों में जलापूर्ति हो रही है उनमें से 80 प्रतिशत की ही जियो टैगिंग हुई है।

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