चंडीगढ़.
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि फरवरी महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इस सूचना के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसानों में फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। फरवरी में गेहूं की बल्ली में दाना बनना शुरू होता है और इस समय यह दूध जैसे तरल पदार्थ के रूप में होता है। यदि तापमान औसत से अधिक रहा, तो यह दाना सूख सकता है, जिससे दाने का आकार छोटा होने की संभावना बढ़ जाती है।
यदि ऐसा हुआ, तो यह चौथी बार होगा जब पंजाब के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पंजाब में औसतन धान की पैदावार 185 लाख टन होती है, लेकिन पिछले वर्ष बाढ़ और चाइनीज वायरस के कारण यह घटकर 156 लाख टन रह गई। पंजाब में हेक्टेयर पर धान की औसत पैदावार 6,624 किलो है, जबकि पिछले वर्ष यह 5,722 किलो प्रति हेक्टेयर रही।









