10 फरवरी से 8 ज़िलों के 12 ब्लॉक में संचालित होगा एमडीए अभियान

भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति और कार्ययोजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय और जागरूकता से फायलेरिया को जड़ से ख़त्म करने हेतु अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर आमजन को दवाओं के सेवन के प्रति जागरूक करने में सहयोग लें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभाग मैदानी अमलों से 10 फ़रवरी से प्रारंभ हो रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) जमीनी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण सुनिश्चित करें साथ ही अभियान में आम जन की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, जनसंपर्क, वन, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास और आवास सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

नागरिक वितरित दवाओं का अवश्य करें सेवन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में वर्तमान में प्रदेश में लिम्फेटिक फायलेरियासिस बीमारी की स्थिति, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए) चक्र-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक्शन प्लान और फायलेरिया उन्मूलन गतिविधियों के संचालन हेतु अन्य विभागों से अपेक्षायें एवं सहयोग के विषयों की वृहद् समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर से प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि एमडीए अभियान में वितरित दवाओं का अवश्य सेवन करें। फायलेरिया के उन्मूलन में सहयोग करें।

मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि एमडीए 2026 में मध्यप्रदेश के 8 जिलों छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मउगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड के 12 ब्लॉक में एम.डी.ए अभियान का संचालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एमडीए 2025 में मध्य प्रदेश के 9 जिलों के 23 ब्लॉक में एमडीए का क्रियान्वयन किया गया था।

एमडीए 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना

प्रदेश में 10 फरवरी से 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। विभिन्न विभागों से ज़मीनी सहयोग प्राप्त करने के लिए विभागवार अपेक्षाओं को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त धनराजु एस, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

फायलेरिया लक्षण और बचाव

फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण हेतु क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों (पैरों/हाथ/अण्डकोष/स्तन) में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है।

राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन हेतु मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी (डाय इथाईल कार्बामैज़ीन) एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं कराया जाना है। नवीन नीति अनुसार चिन्हित जिलों में इन दो दवाओं के साथ आईवरमेक्टिन दवा का भी उपयोग किया जा रहा है जिसे आईडीए का नाम दिया गया है।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786