यमुना नगर.
'मैं 17 वर्ष की थी। जब मेरी शादी हो गई। बाल विवाह वाले इसे नोट न करें, क्योंकि उस समय परिस्थितियां ऐसी थी। मेरे माता-पिता की मौत हो गई थी। ताऊ को मेरी शादी करनी थी। जब मैं ससुराल में गई तो कुछ मेहमान आए हुए थे। मुझे उनके लिए रोटियां बनानी थी लेकिन मुझसे आटा नहीं गूथा गया। यह देखकर सास ने मेरी परेशानी समझी और आटा तैयार किया। उन्होंने आटा न गूथने पर मुझे ताना नहीं दिया।'
यह कहना है हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया का। वह सोमवार को महाराजा अग्रसेन कालेज में टूटते रिश्ते जोड़ते संवाद कार्यक्रम में पहुंची। बिगड़ रहे वैवाहिक संबंधों को सुधारने की दिशा में हरियाणा राज्य महिला आयोग की ओर से टूटते रिश्ते जोड़ते संवाद जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत यमुनानगर से की गई है।
उन्हें आज के समय में वैवाहिक संबंधों को बिगड़ने से रोकने के लिए संवाद करने के बारे में जागरूक करना रहा। यहां पर आयोग की चेयरमैन रेणू भाटिया, डीसी प्रीती, एसपी कमलदीप गोयल व अन्य वक्ताओं ने लोगों से संवाद किया। रेणू भाटिया ने मंच से एक गाना बजवाकर डांस भी किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक 14 हजार केस पारिवारिक विवाद के सुने हैं।









