चंडीगढ़.
पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में उसे रिहाई की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अमृतपाल ने बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गृह विभाग ने सोमवार को अमृतपाल की अर्जी खारिज कर दी। सरकार ने कहा कि हिरासत में रहते संसद सत्र में भाग लेना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 23 फरवरी 2023 को थाना अजनाला में खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने साथी को छुड़वाने के लिए हमला कर दिया था। इस हमले में एसपी जुगराज सिंह, एएसआइ जतिंदर सिंह, पुलिस होमगार्ड का जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना अजनाला की पुलिस ने अमृतपाल सिंह सहित 19 लोगों का बायनेम व 250 के करीब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से इन पर एनएसए लगाया गया था और इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था।
खडूर साहिब सीट से बना सांसद
पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग लिया और यहां से वह सांसद चुना गया।









