मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में गिने जाएंगे आवारा कुत्ते, संख्या बढ़ेगी तो बनेंगे शेल्टर होम

पटना.

कुत्ता काटने की घटनाओं और अव्यवस्था को देखते हुए अब नगर निगम ने सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के साथ मिलकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण का फैसला किया है. इस अभियान की औपचारिक शुरुआत IGIMS से कर दी गई है. बुधवार से IGIMS परिसर में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू हो गया है.

इस पूरे अभियान के नोडल पदाधिकारी संस्थान के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल को बनाया गया है. नगर निगम और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने पहले दिन 10 कुत्तों को पकड़कर उनका रेबीज टीकाकरण कराया गया. नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ IGIMS तक सीमित नहीं रहेगा. PMCH, NMCH, पटना एम्स सहित राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और जिला अस्पतालों में आवारा कुत्तों की गिनती और नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू होगी. इसका उद्देश्य अस्पताल परिसरों को सुरक्षित बनाना और मरीजों को डरमुक्त माहौल देना है.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी सख्ती
कुत्ता काटने के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत नगर निगम को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सभी सरकारी संस्थानों के परिसरों में मौजूद कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की जाए. नगर निगम ने साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का बोझ वह अकेले नहीं उठाएगा. सभी सरकारी और अर्द्ध-सरकारी संस्थानों को अपने परिसरों में मौजूद कुत्तों की गिनती कर रिपोर्ट सौंपनी होगी. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर डॉग शेल्टर होम बनाए जाएंगे और संसाधन तय किए जाएंगे.

विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान भी दायरे में
नगर निगम की सूची में मेडिकल कॉलेजों के अलावा पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, IIT बिहटा समेत कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं. इन सभी को जल्द ही पत्र भेजकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा जाएगा. आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए यह अभियान पटना में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. अगर यह मॉडल सफल होता है तो आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की सख्ती देखने को मिल सकती है.

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786