रायपुर
मानव सेवा की मिशाल पेश करते हुए रायपुर के युवा व्यवसायी अजय बारलोटा द्वारा 100 बार रक्तदान एवं प्लाज़्मा डोनेशन कर एक अनुकरणीय कीर्तिमान स्थापित किया। इस उपलब्धि ने न केवल जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान दिया, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई है।
अजय ने रायपुर में समय समय पर आयोजित रक्तदान शिविरों एवं आपातकालीन परिस्थितियों में स्वेच्छा से रक्त एवं प्लाज़्मा दान किया। विशेषकर कोरोना काल में भी प्लाज़्मा डोनेशन के माध्यम से कई गंभीर मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज 100 रक्तदान के अवसर पर चिकित्सकों एवं सामाजिक संगठनों ने रक्तदाता अजय बरलोटा के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, और एक यूनिट रक्त किसी के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकती है। अजय ने युवाओं से आगे आकर नियमित रक्तदान करने की अपील की।
रक्तदाता अजय ने कहा कि जब तक शरीर स्वस्थ है, तब तक वह इस सेवा कार्य को निरंतर जारी रखेंगे और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेंगे।
आज 100 बार रक्तदान एवं प्लाज़्मा दान कर अजय से रायपुर शहरवासियों के साथ साथ जैन समाज को भी गौरवानवित महसूस किए।
एवं अजय बारलोटा के उज्ज्वल भविष्य की कमान की।









