नई दिल्ली
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर का इंतजार अब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। दिल्ली के अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से देहरादून तक 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस फरवरी के पहले हफ्ते के बाद कभी भी ट्रैफिक के लिए खुल सकता है। इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा 3 घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाएगी। 11000 करोड़ रुपये की लागत से हुआ 3 राज्यों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसेव अब करीब-करीब तैयार है। इस कॉरिडोर पर अब बस कुछ ही काम बाकी बचा है। छोटे-छोटे हिस्सों को फाइनल किया जा रहा है, स्ट्रक्चर को ठीक किया जा रहा है और पिट स्टॉप को जल्दी-जल्दी तैयार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को चाय, पानी और टॉयलेट मिल सकें।
अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से लोनी तक इस रोड को गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन फिनिशिंग का काम जारी होने से उससे आगे अभी ट्रैफिक को जाने की इजाजत नहीं दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब लगभग पूरा हो गया है, बस कुछ छोटा-मोटा काम ही बाकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार कॉरिडोर लगभग तैयार है। एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि सभी चार चरणों में औसत फिजिकल प्रोग्रेस 99% से ज्यादा है और बचा हुआ काम कुछ ही दिनों में पूरा होने वाला है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे 334B पर 8 किमी इंटरचेंज पर कुछ छोटा-मोटा काम बचा हुआ है, जो अगले 10 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे स्पीड लिमिट और टोल चार्ज
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून तक कार से यात्रा में तीन घंटे से भी कम समय लगेगा। इस रूट पर चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं। फास्टैग सालाना पास के जरिये यात्री सिर्फ 60 रुपये में एक साइड की यात्रा पूरी कर सकते हैं। सालाना पास नहीं होने पर उन्हें लगभग 500 रुपये टोल चुकाना होगा। कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा और बस एवं ट्रकों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
चार फेज में बनाया गया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
फेज- I (31.6 KM) : अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक, यह ब्राउनफील्ड स्ट्रेच मौजूदा सड़क को सर्विस रोड के साथ छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर में बदलता है।
फेज-II (120 KM): बागपत से सहारनपुर बाईपास तक यह पूरी तरह से ग्रीनफील्ड सेक्शन है।
फेज-III (42 KM): सहारनपुर बाईपास से उत्तराखंड में गणेशपुर तक यह स्ट्रेच पूरी तरह से तैयार है।
फेज-IV (20 KM): गणेशपुर से देहरादून तक इस सेक्शन में ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड दोनों हिस्से शामिल हैं और यह सबसे बड़ी चुनौती थी।









