दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा: हवाई हमले की साजिश, कश्मीरी छात्र ने आतंकियों को दी मदद

फरीदाबाद 
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) वीरवार को दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल कश्मीरी छात्र जसीर बिलाल वानी को निशानदेही के लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। जहां उसको विस्फोटक रखने वाली जगहों पर लेकर जाया गया। 

जांच एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जसीर वानी ने आटा-चक्की से यूरिया को पीसकर, उसमें से अमोनियम नाइट्रेट अलग करने में आतंकी मुजम्मिल की मदद की थी। जसीर वानी के साथ एजेंसी डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल को भी लेकर आई थी, लेकिन केवल जसीर वानी को गाड़ी से उतारकर निशानदेही कराई गई। जसीर वानी डॉ. मुजम्मिल के साथ उसके फ्लैट पर भी रुका था।

बम निरोधक दस्ता साथ लाया गया
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) अपने साथ बम निरोधक दस्ते को भी साथ लेकर आई थी। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर के साथ लगते लगभग दो एकड़ के खेत में बने कमरे की जांच बम निरोधक दस्ता के द्वारा कराई गई, ये वो ही कमरा था, जिसमें 12 दिन तक विस्फोटक सामग्री को रखा गया था। बाद में उसको फतेहपुर तगा के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। यहां कमरे के अंदर व पास में मिट्टी खोदकर भी देखा गया। लगभग एक घंटे बाद बम निरोधक दस्ता की टीम यहां से चली गई। इसके बाद डॉ. मुजम्मिल और शाहीन को यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक ले जाया गया। जहां पर करीब एक आध घंटे तक उनको रखा गया। पूछताछ में कई डॉक्टर फैकल्टी स्टाफ सहित छात्रों को भी शामिल किया गया था। दरअसल मुजम्मिल और शाहीन रिमांड के दौरान जो जानकारी दे रहे हैं, एनआईए उस जानकारी को पुख्ता कर रही है कि वह सच बोल रहे हैं या झूठ, इसलिए टीम आतंकियों को बार-बार यूनिवर्सिटी लाकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करती है।

गांव धौज में रखी गई थी आटा चक्की
इस दौरान NIA की टीम जसीर वानी को डॉ. मुजम्मिल के यूनिवर्सिटी वाले फ्लैट, गांव धौज में जहां पर आटा-चक्की रखी गई थी, गांव खोरी जमालपुर में पूर्व सरपंच का मकान जहां पर मुजम्मिल ने 3 कमरों को फ्लैट किराए पर लिया था, इन सभी जगहों पर लेकर गई और उसकी निशानदेही करवाई गई।

पॉलिटिकल साइंस का छात्र
 NIA के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जसीर वानी (20) पुलवामा का रहने वाला है। जसीर अनंतनाग के एक कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस का सेकेंड ईयर का छात्र है। दिल्ली ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाले आतंकी उमर का सबसे ज्यादा करीबी था। डॉ शाहीन और मुजम्मिल से जसीर वानी की मुलाकात आतंकी उमर ने कराई थी।

हवाई हमले की थी प्लानिंग
जसीर वानी से एजेंसी की पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि पहले हवाई हमले की प्लानिंग की गई थी। जिसमें विस्फोटक को भरकर दूर से ही हमले को अंजाम दिया जा सके, लेकिन ऐसा नही हो पाया। जिसके बाद उमर ने अपने साथियों के साथ दिल्ली में कई जगहों पर एक साथ हमले की योजना बनाई थी।

श्रीनगर में प्लान तैयार, कुछ प्रयोग भी किए
इसके लिए कश्मीर के श्रीनगर पूरा प्लान तैयार किया गया था। जहां पर कुछ प्रयोग भी किए गए थे, लेकिन बजट ज्यादा होने के चलते ऐसा संभव नही हो पाया। जांच में पता चला है कि जसीर वानी पुलवामा स्थित एक गांव का रहने वाला है और उसके गांव से कुछ ही दूरी पर आतंकी मुजम्मिल का भी गांव है, इसलिए वह जब भी फरीदाबाद आता, तो वह मुजम्मिल के फ्लैट पर ही रुकता था।

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