23 हजार की रिश्वत केस में बड़ा फैसला: BEO सूर्यकांत सिंह को 18 साल बाद कोर्ट से मिली सजा

पटना 
बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में शुक्रवार को एक तत्कालीन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ बीस हजार रूपए का जुर्माना भी किया।

निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सूर्यकांत सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।

मामले के विशेष लोक अभियोजक प्रभारी ट्रैप केसेस किशोर कुमार सिंह ने बताया की अनुकंपा के आधार पर बहाल हुए एक प्रखंड शिक्षक को विद्यालय आवंटन करने के एवज में दोषी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया की 28 जून 2007 को निगरानी के अधिकारियों ने दोषी को कोईलवर रेलवे स्टेशन के मुसाफिरखाना में शिकायतकर्ता से 23 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने अदालत में नौ गवाहों का बयान कलम बंद करवाया था। 

 

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