‘अभया ब्रिगेड’ का गठन: अब बेटियों की सुरक्षा के लिए हर जिले में तैनात होगा स्पेशल पुलिस दस्ता

पटना

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों में थानास्तर पर ‘अभया ब्रिगेड'  गठित करने का आदेश शुक्रवार को जारी किया है। यह विशेष दल स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और उन क्षेत्रों में सक्रिय रहेगा, जहां छात्रायें प्रतिदिन आवाजाही करती हैं और जहां छेड़खानी जैसी घटनाओं की आशंका अधिक रहती है।

प्रत्येक ब्रिगेड का नेतृत्व एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक करेंगी, जबकि दल में उनके साथ तीन पुलिसकर्मी (एक महिला और दो पुरुष सिपाही) शामिल होंगे। दल के सुचारू संचालन के लिए स्कूटी और वाहन उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया भी मुख्यालय स्तर से शुरू की गई है। अभया ब्रिगेड दल के सदस्य थाना क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग सेंटर और निर्जन मार्गों के आसपास संभावित हॉट स्पॉट चिन्हित करेंगे। इन स्थानों पर ब्रिगेड के सदस्य वर्दी और सादे लिबास में तैनात रहकर मनचलों की पहचान करेंगे और विधि- सम्मत कार्रवाई करेंगे।
 
इन स्थानों पर होगी विशेष निगरानी

दो या अधिक छेड़खानी मामलों में पकड़े जाने वाले आरोपियों के नाम गुंडा पंजी के ईव टीज़र सूची में दर्ज करने के लिए प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे। यदि कोई नाबालिग ऐसे मामलों में पकड़ा जाता है तो उसका परामर्श कराया जाएगा और बार- बार पकड़े जाने पर उसका सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार कर उसे किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द किया जाएगा। अभया ब्रिगेड स्कूल और कॉलेज प्रशासन, महिला छात्रावास के वाडर्न, कोचिंग संचालकों और छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित करेगी। छात्राओं को डायल-112 के बारे में भी जागरूक किया जाएगा और सुरक्षा से संबंधित समस्याओं की जानकारी एकत्र की जाएगी। भीड़भाड़ वाले प्रमुख स्थलों, चौराहों, बाजारों, मॉल, धार्मिक स्थानों, पार्क और रेलवे स्टेशन आदि पर भी हॉट स्पॉट चिन्हित कर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेंगे पुलिस अधीक्षक
पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन अभियान से पूर्व ब्रिगेड की ब्रीफिंग वरीय अधिकारी की ओर से की जाएगी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दल की गतिविधियों की सतत समीक्षा करेंगे, जबकि वरीय पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर थानाध्यक्ष और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। हर महीने की 15 तारीख से पहले अभया ब्रिगेड की एक्शन टेकेन रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग को भेजी जाएगी।

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