किसानों का बड़ा बुलंद आंदोलन — जानें, क्या है पूरा विवाद

चंडीगढ़ 
स्थानीय डी.सी. दफ्तर के समक्ष भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा बाढ़ पीड़ित किसानों को गेहूं का बीज बांटकर लौटते सड़क हादसे में जान गंवाने वाले किसान नेता हरजीत सिंह कोटकपूरा के परिवार और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के लिए मुआवजे की मांगों के लिए चल रहे अनिश्चित समय के धरने में सरकार द्वारा अपनाई टालमटोल और अनदेखी की नीति के खिलाफ सख्त एक्शन का ऐलान किया गया है।

यह जानकारी देते हुए किसान नेताओं हरबंस सिंह कोटली, गुरभगत सिंह भलाईआना और नत्था सिंह रोड़ी कपूरा ने बताया कि किसानों की मुआवजे की जायज मांगों प्रति सरकार द्वारा अपनाए गए मैं ना मानूं वाले किसान विरोधी रवैये का सख्त नोटिस लेते हुए राज्य कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार 2 दिसम्बर को डी.सी. दफ्तर के सामने मालवा के 6 जिलों (मोगा, बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, फरीदकोट) और स्थानीय जिले के किसान बड़ा रोष प्रदर्शन करेंगे।

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के बहरे कानों तक आवाज पहुंचाने और मृतक किसान नेता हरजीत सिंह के परिवार को 10 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पूरा कर्ज माफ और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के इलाज का सरकारी खर्चे पर इलाज की मांगों की प्राप्ति के लिए विशाल रोष प्रदर्शन में हजारों किसान शामिल होंगे। डी.सी. दफ्तर के गेट सामने रोष प्रदर्शन करते किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि कल होने वाले इस बड़े रोष प्रदर्शन के लिए गांवों में किसानों की लामबंदी की जा रही है। इस मौके निर्मल सिंह, शेरजंग सिंह खारा, बिक्कर सिंह भलाईआना, अजैब सिंह मल्लण, जगसीर सिंह घाली, जोगिंदर सिंह बुट्टर शरींह, हरभगवान सिंह रोड़ीकपूरा और गुरप्रीत सिंह बिट्टू मल्लण समेत अनेक किसान नेता मौजूद थे। 

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