बिहार में आकार ले रहा विराट रामायण मंदिर: 33 फुट ऊँचा शिवलिंग बना खास आकर्षण

पूर्वी चंपारण

बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहा विराट रामायण मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा रामायण-केंद्रित मंदिर होगा। जिले के कल्याणपुर प्रखंड में स्थित कैथवलिया गांव के पास विराट रामायण मंदिर का निर्माण तेज़ी से जारी है। पटना महावीर मंदिर ट्रस्ट की इस ₹500 करोड़ की भव्य परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किए जाने की उम्मीद है।

अयोध्या राम मंदिर से तीन गुना बड़ा
मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी। इसका कुल परिसर 140 एकड़ में फैला है। यह आकार इसे अयोध्या के राम मंदिर से लगभग तीन गुना बड़ा बनाता है। यह मंदिर अपने विशाल आकार और अनूठे डिज़ाइन के कारण भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े रामायण-थीम आधारित मंदिरों में शामिल होगा।

मुख्य संरचनात्मक विशेषताएं:

    कुल 12 शिखर (पहले 18 प्रस्तावित थे, बाद में अनुमति के अनुसार घटे)
    मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट (पहले 405 फीट प्रस्तावित)
    त्रिवेदी कॉर्पोरेशन फिनिशिंग कार्य के लिए प्रस्तावित
    टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स और सनटेक इंफ्रा सॉल्यूशंस मुख्य ठेकेदार
    दुनिया का सबसे बड़ा 33 फुट ऊंचा शिवलिंग

परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण है दुनिया का सबसे बड़ा ग्रेनाइट शिवलिंग, जिसकी ऊंचाई: 33 फीट, वजन: 210 मीट्रिक टन और कीमत: ₹3 करोड़ है। इसका निर्माण महाबलीपुरम में 10 वर्षों में पूरा हुआ है। इसे 96 चक्कों वाले विशेष ट्रेलर से लाया जा रहा है और यह दिसंबर के तीसरे या अंतिम सप्ताह तक कैथवलिया पहुंच जाएगा। इसकी स्थापना नए साल की शुरुआत में हो सकती है।

22 छोटे मंदिर और 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला सभागार
मंदिर परिसर में कुल 22 छोटे मंदिर बनाए जा रहे हैं, जो रामायण के प्रमुख चरित्रों- राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान आदि को समर्पित होंगे। इसके अलावा, परिसर में 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला विशाल सभागार, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रामायण कथा प्रदर्शन, और 800 फीट लंबा शिव गंगा तालाब भी शामिल है।

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