चंडीगढ़
हरियाणा में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली जांचने की लेकर सरकार और संगठन के बीच तय हुए फार्मूले पर काम शुरू हो गया है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के सभी जिलों की ग्रीवेंस कमेटी के मैंबरों की पहली फीडबैक रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है।
इस रिपोर्ट में 5 विभागों की कार्यप्रणाली बेहद खराब चताई गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन विभागों के कुछ अफसर लोगों की समस्याओं को निपटाने के लिए गंभीर नहीं है। साथ ही फाइलों को बेवजह लटकाते रहते हैं। हालांकि इन अफसरों के नामों की सरकार की ओर से गोपनीय रखा गया है। लेकिन सरकार जल्द ही ऐसे अफसरों और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी भी इसको लेकर अलर्ट हैं। उनकी ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को ये निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के बारे में फीडबैक लें और उनकी प्रॉपर्टी की भी जांच करवाएं। यदि ऐसा होता है तो सरकार इन अफसरों किसी दूसरी जगह पोस्टिंग दे सकती है।
5 विभागों पर खास फोकस
सरकार के पास पहुंची ग्रीवैस कमेटी के मैबरी की रिपोर्ट में 5 विभागों पर खास फोकस किया गया है। बताया गया कि गृह विभाग यानी पुलिस, ऊर्जा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की और से बेवजह कामों की लटकाया जाता है। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस विभाग की आई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस विभाग में करीब 3 दर्जन ऐसे अफसर है जिनका नाम रिपोर्ट में दिया गया है। ये गृह विभाग के अंतर्गत आता है। तीसरे टर्म की सरकार में ये महकमा मुख्खामंत्री नायब सैनी खुद देख रहे है। इससे पहले मनोहर लाल की सरकार में अनिल विज के पास ये विभाग था। वहीं अच्छे मंत्रियों में शुमार विपुल गोयल के रेवेन्यू डिपार्टमेंट में इतने ही अफसरों की लापरवाही सामने आई है। इन विभागों के अलावा कृषि, स्वास्थ्य विभाग में भी दर्जने अफसर और कर्मचारियों के नाम है जो लोगों के काम करने में देरी कर रहे हैं और फाइलों को अटका रहे है।








