जूडी हॉप्स की आवाज बनी श्रद्धा! दमदार वॉइसओवर और मज़ेदार कहानी ने जीता दिल

हॉलीवुड की फिल्म हो और वो भी एनिमेटेड.. फिर तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि आप इसे देखकर निराश हों। ‘जूटोपिया 2’ भी कुछ ऐसी ही फिल्म है। पहले सीन से लेकर आखिरी सीन तक कहानी आपको बांधे रखती है और इसके वन लाइनर्स हंसा-हंसाकर आपका पेट दर्द कर देते हैं। वहीं मेकर्स ने लीड किरदार में श्रद्धा कपूर की आवाज जोड़कर इसमें चार चांद लगा दिए। यहां पढ़िए कैसी है यह फिल्म?

बांधे रखती है कहानी
फिल्म की कहानी पहले पार्ट से आगे बढ़ती है। जूडी हॉप्स और निक वाइल्ड जूटोपिया पुलिस डिपार्टमेंट में पार्टनर हैं पर दोनों के बीच बॉन्डिंग अच्छी नहीं है। एक केस में दोनों से गलती होने के बाद चीफ बोगाे उन्हें अलग हो जाने या फिर थैरेपी सेशन अटैंड करने की सलाह देते हैं। जूडी काे लगता है कि जूटोपिया में कोई सांप घुस आया है पर उसकी बात पर कोई यकीन नहीं करता। वो निक को मनाकर तहकीकात में लग जाती है। इसी बीच जूटोपिया के संस्थापक लिंक्सली परिवार एक पार्टी देता है जिसमें गैरी नाम का सांप सबके सामने आ जाता है। अब यह सांप जूटोपिया में किस लिए आया? क्या जूडी इसकी जड़ तक पहुंच पाएगी ? क्या उसका और निक का रिश्ता बिगड़ेगा या बेहतर होगा? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

कमाल का है वॉइस ओवर
एनिमेटेड फिल्म जब भी हिंदी में डब होती हैं तो उनकी सबसे बड़ी ताकत डबिंग आर्टिस्ट ही बनते हैं। बात करें इस फिल्म की तो हर एक छोटे से छोटे किरदार की भी डबिंग और डायलॉग्स दोनों ही कमाल हैं। जूडी के किरदार में श्रद्धा कपूर ने फिल्म में चार चांद लगाए हैं। सीन चाहे कॉमिक हो या फिर इमोशनल श्रद्धा ने इसका परफेक्ट वॉइस ओवर दिया है। निक वाइल्ड की आवाज बनकर दमनदीप सिंह ने खूब एक्सपेरिमेंट किए हैं। उनकी कॉमेडी टाइमिंग लाजवाब है। समय ठक्कर और आदित्य राज शर्मा समेत कई आर्टिस्ट ने फिल्म के छोटे-बड़े हर किरदार को बेहतरीन डब किया है।

हिंदी स्क्रिप्ट में की गई खूब मेहनत
तारीफ उन डायलॉग राइटर्स की भी करनी होगी जिन्होंने फिल्म के हिंदी डायलॉग लिखे। ये हर सीन और किरदारों पर इतने सूटेबल हैं कि कहीं लगता ही नहीं कि आप एक डब की हुई फिल्म देख रहे हैं। पूरी फिल्म में वन लाइनर्स आपको हंसाते रहते हैं जैसे- ‘टीम तीन की होनी चाहिए.. दो तो चप्पल भी होती है’ और ‘घोड़ा है घोड़े की जरूरत है..।’ कहीं कोई गुजराती में कॉमेडी कर रहा है तो कहीं साउथ इंडियन एक्सेंट के जरिए आपको हंसाया जा रहा है। यकीनन फिल्म को हिंदी में लिखते वक्त काफी मेहनत की गई है।

निर्देशन
जैरेड बुश और बायरन हावर्ड ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। दोनों का ही काम बढ़िया है। उन्होंने हर छोटे से छोटे सीन को बड़ी ही बारीकी से डिजाइन किया है। इतने किरदार होने के बाद भी आप न तो कहीं कन्फ्यूज होते हैं और न ही बोर।

देखें या नहीं
बिल्कुल देखना चाहिए। बच्चों को जरूर दिखाएं और पूरे परिवार के साथ देखने जरूर जाएं। इस फिल्म का असली मजा थिएटर्स में ही है।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786