क्या बिहार में JDU के बिना सरकार बना सकती है BJP? नीतीश के करीबी संजय झा का बड़ा बयान

पटना

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत और 200 से अधिक सीटों का जादुई आंकड़ा पार करने के बाद राजनीतिक हलचल तेज है। इसबार के चुनावी आंकड़ों को देखने के बाद कयासों का बाजार भी गर्म है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि बिहार की 243 सीटों में से सबसे ज्यादा बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं। वहीं सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड को 85 सीटें मिली हैं। सीटों की संख्या में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद से कुछ लोगों का दावा है कि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि, जेडीयू ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ऐसे तमाम अटलकों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए एकजुट है।

भाजपा और जेडीयू के अलावा एनडीए में शामिल चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास ) को 19 सीटें मिली हैं। वहीं, जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) को पांच सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा चार सीटें जीतने में सफल रही है। ऐसे में यह संख्या 202 तक पहुंच जाती है।

इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। लालू यादव की पार्टी को सिर्फ 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। वहीं सहयोगी दल कांग्रेस को छह सीटें मिली हैं। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन को दो सीटें मिली हैं। असदुद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम पांच सीटें जीतने में कामयाब रही है। इसके अलावा इंडियन इन्क्लुसिव पार्टी (IIP), माकपा और बहुजन समाज पार्टी को एक-एक सीट मिली है।

संख्या को देखते हुए कयासों का बाजार गरमाया हुआ है। नीतीश के बिना भाजपा के सरकार चलानी की अटकलें लगाई जा रही हैं। एक थ्योरी यह भी गढ़ी जा रही है कि नीतीश कुमार और विपक्ष के तमाम दलों के साथ सरकार बन सकती है। उसमें ओवैसी का भी साथ रहे। इन तमाम अटकलों को लेकर संजय झा से सवाल पूछे गए। उनसे पूछा गया कि क्या बिना जेडीयू के भी सरकार बना सकती है बीजेपी? क्या नीतीश ही पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे?

संजय झा ने साफ शब्दों में जवाब देते हुए कहा, “मैं इस तरह की अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। समय आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा। एनडीए के भीतर किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है।”

एनडीए की अंदरूनी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

इस सवाल के जवाब पर संजय झा ने कहा “डायनमिक्स वही रहेंगे। हम सब मिलकर काम कर रहे हैं और हमारे बीच बेहतरीन तालमेल है। इतनी बड़ी जीत के बाद हमारा फोकस सिर्फ यह है कि हम जनता के लिए डिलीवरी करें। केंद्र और राज्य के बीच संबंध पहले से ही बहुत अच्छे हैं।” उन्होंने कहा, “यह जीत एनडीए के एकजुट होकर लड़ने का नतीजा है। इसमें चिराग पासवान भी शामिल हैं। अगर सभी गठबंधन साझेदार एकसाथ नहीं होते, तो 200 का आंकड़ा पार करना संभव नहीं था।”

 

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