दो दिन से था लापता…राखड़ के ढेर में दबा मिला मजदूर का शव

धरसीवा / उद्योगों को लगता है कि मजदूरों की जान की कीमत शून्य बराबर है। इसलिए उन्हें कीड़े मकोड़े की तरह कोल डस्ट में दबा दिया जाता है। एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला राजधानी रायपुर के औधोगिक क्षेत्र सिलतरा के फेस टू से आया है। यहां स्थित रामनिवास इस्पात नामक फैक्ट्री में एक श्रमिक का लाश कोल डस्ट में मिला है। श्रमिक के शव मिलने से फैक्ट्री में हड़कंप मच गया।

इस घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। ये पूरी घटना सिलतरा चौकी की है।जानकारी के अनुसार, सिलतरा के रामनिवास इस्पात में एक श्रमिक की बुधवार को कोल डस्ट में दबी हुई लाश मिली। घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक श्रमिक का नाम देवराज वर्मा आकोली देवरी निवासी बताया जा रहा है. इस मामले में सिलतरा पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

पुलिस के मुताबिक मृतक देवराज पिता भगवती वर्मा निवासी आकोली देवरी रोज की तरह श्रावण माह के प्रथम सोमवार को ड्यूटी पर आया था जो ड्यूटी के बाद घर नहीं पहुंचा। कोल डस्ट जहां पर खाली होती है वह वहीं लेटा, दूसरे दिन जब वहां से कोल डस्ट उठाई जा रही थी तब उस डस्ट के अंदर देवराज वर्मा का शव दिखाई दिया। देवराज डस्ट में कैसे दबा उसके ऊपर कोल डस्ट किसने डाली पुलिस इसकी अभी जांच कर रही है।

इधर एक फैक्ट्री कर्मी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि देवराज श्रावण के प्रथम सोमवार को उपवास किया हुआ था. ड्यूटी के बाद घर नहीं गया था।

इस घटना ने फैक्ट्री प्रबंधन की घोर लापरवाही ने मानवता को तार-तार कर दिया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है. लेकिन इस घटना ने उद्योगों में श्रमिकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए है। क्या उद्योगों में श्रमिकों की जान की कोई कीमत नहीं, जो कीड़े मकोड़ों की तरह उन्हें डस्ट में दबा दिया जाता है। घटना की जानकारी के बाद स्थानीय मीडिया कर्मी भी कंपनी पहुंचे और इस घटना में कंपनी प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन गेट से ही गार्ड ने बता दिया कोई नहीं है।

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