बुरहानपुर
बाढ़ ने शनिवार को दूसरी बार इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे दो घंटे से ज्यादा समय तक जाम कर दिया। जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस जाम में एम्बुलेंस और यात्री बसें भी काफी देर तक फंसी रहीं। बाद में ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें पार कराया। दूसरे वाहन चालकों ने भी जान जोखिम में डाल कर हाइवे पार किया। इससे पहले गुरुवार देर रात भी असीरगढ़ से ढाई किमी दूर धूपगट्टा गांव के पास हाइवे पर पानी भर जाने से रात बारह बजे तक मार्ग अवरुद्ध हुआ था।
पानी से हुआ भारी नुकसान
निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले ने हाइवे का निर्माण कर रही कंपनी और एनएचएआई के अधिकारियों को सूचना दी थी। बावजूद इसके निर्माण एजेंसी ने पहाड़ी नाले की जल निकासी का ठोस प्रबंध नहीं किया। जिसके चलते शनिवार दोपहर तीन बजे क्षेत्र में तेज वर्षा होने के बाद फिर न केवल हाईवे जाम हो गया, बल्कि धूपगट्टा गांव में भी पानी घुस गया। जिससे करीब दो दर्जन ग्रामीणों का गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया। खेतों में दो से तीन फीट पानी भर जाने के कारण मक्का व अन्य फसलों को भी क्षति हुई है।
पुलिया छोटी करने से उपजी समस्या
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को नईदुनिया टीम ने हाइवे पर बाढ़ का पानी आने का मूल कारण तलाशा था। जिसमें पता चला था कि बरसाती नाले पर नई पुलिया बनाई जा रही है। जिसके लिए निर्माण एजेंसी ने पानी को डायवर्ट करने एक पाइप डालकर अस्थाई पुलिया बनाई है। पहाड़ों से उतरने वाले पानी की मात्रा अधिक होती है। एक पाइप से केवल बीस प्रतिशत पानी ही निकल पा रहा है। जिसके चलते शेष पानी हाईवे और धूपगट्टा गांव में घुस कर तबाही मचा रहा है।
अब तक 542 मिमी औसत वर्षा हुई
बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार अब तक जिले में 542 मिमी औसत वर्षा हुई है। जिले की कुल औसत वर्षा 823 मिमी है। शनिवार सुबह तक बुरहानपुर में पांच मिमी, नेपानगर में 29 मिमी और धूलकोट क्षेत्र में 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिससे ताप्ती नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है। शनिवार दोपहर तीन बजे परसाडोह बांध का एक गेट भी खोला गया है। जिसके कारण ताप्ती नदी का जल स्तर देर रात अथवा कल तक और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।