अंबाला
भारतीय रेलवे ने जम्मू की रेल लाइन में समस्या आने के कारण 47 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है, इसके अलावा 4 ट्रेनों के शॉर्ड टर्मनेट किया गया है। रेल यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए रेलवे ने वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि इसी प्रक्रिया के चलते रेलवे द्वारा अंबाला छावनी स्टेशन पर 300 से ज्यादा यात्रियों को करीब अढ़ाई लाख रुपए वापस किए हैं। ऐसा फैसला जम्मू रेल लाइन में पुल टूटने की वजह से लिया गया है जैसे ही मुरम्मत का काम पूरा हो जाएगा ट्रेनों का संचालन दोबारा से शुरू किया जाएगा।
शुक्रवार को भी जम्मू जाने वाली ट्रेनों का संचालन पूर्ण तौर पर बंद रखा गया। इस कारण शनिवार को भी 51 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। जिनमें 47 ट्रेनें रद्द तो 4 को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है।
जम्मू की टिकट बुकिंग बंद
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आरक्षण केंद्र पर जम्मू और कटरा की टिकट बुक करवाने वाले यात्रियों की संख्या नाममात्र रह गई है, इनमें सिर्फ सैन्य कर्मी ही टिकट बुक करवा रहे हैं। जोकि सितंबर माह के पहले और दूसरे सप्ताह की है, इसके अलावा अन्य कोई भी यात्री टिकट बुकिंग के लिए आरक्षण केंद्र पर नहीं आ रहा है।
जल्द शुरू होने की संभावना
अंबाला डिवीजन के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार झा ने बताया कि जम्मू रेल खंड अभी बाधित है, इसलिए 47 ट्रेनों को पूर्ण तौर पर रद्द रखा गया है, वहीं दो को अंबाला सहित अमृतसर में रद्द किया गया और दो ट्रेनों को इन्हीं दो रेलवे स्टेशनों से संचालित किया गया है। बाढ और अधिक बारिश से पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण यह बाधा आई है, उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा और पूर्व की तरह ही सभी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
ये ट्रेनें हुई हैं कैंसिल
ट्रेन नंबर 12425, 14661, 14803, 12413, 12355, 19223, 03309, 19027, 13151, 11077, 12331, 74909, 74907, 22401, 22431, 22439, 26405, 22477, 22461, 12588, 11078, 74906, 74910, 22478, 26406, 12920, 12472, 22440, 14610, 14504, 12446,16032, 22462, 12473, 14691 को पूर्ण तौर पर रद्द किया गया है। जबकि ट्रेन 12237 को अंबाला कैंट स्टेशन पर और 18309 अमृतसर स्टेशन पर रद्द किया गया। जबकि ट्रेन नंबर 12238 बेगमपुरा का संचालन अंबाला और 14609, 12445, 20433, 19803, अंबाला छावनी से और 18102 जम्मूतवी- टाटा नगर का संचालन अमृतसर से किया गया।