📰 स्वावलंबी भारत अभियान – दुर्ग में नई ऊर्जा के साथ
“पढ़ाई के साथ कमाई की दिशा में स्किल डेवलपमेंट, स्वरोज़गार प्रशिक्षण और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को मिल रहा बढ़ावा”
दुर्ग, छत्तीसगढ़।
स्वावलंबी भारत अभियान के तहत् दुर्ग जिला पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल से अभियान प्रतिनिधियों ने सौहार्दपूर्ण भेंट की। इस अवसर पर उन्हें स्वदेशी एवं विदेशी वस्तुओं की सूची सौंपी गई तथा प्रेरणादायी पुस्तक “स्वावलंबन की ओर बढ़ता भारत” भेंट की गई।
बैठक के दौरान अभियान की प्रदेश व दुर्ग जिले में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से दुर्ग शहर के वार्डों एवं ग्रामीण अंचलों में स्किल डेवलपमेंट एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पूर्व में किए गए कार्य
ग्राम-ग्राम में स्किल ट्रेनिंग शिविर आयोजित कर सैकड़ों युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया।
महिला स्वरोज़गार प्रशिक्षण (लिफाफा निर्माण, चॉकलेट मेकिंग, सिलाई-कढ़ाई आदि) से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए गए।
छात्र-छात्राओं के लिए उद्यमिता जागरण कार्यक्रम चलाकर “पढ़ाई के साथ कमाई” की दिशा में मार्गदर्शन किया गया।
उद्योग व व्यापारिक संस्थाओं से संवाद कर स्थानीय उत्पादों को बाज़ार से जोड़ने का अभियान चलाया गया।
स्वदेशी जागरण अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर दुर्ग कैट के जिला अध्यक्ष प्रकाश सांखला एवं चेयरमैन पवन बडजात्या ने भी अपने विचार रखते हुए अभियान को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और इसके व्यापक विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
📌 अभियान का संदेश –
✅ पढ़ाई के साथ कमाई – यही है नए भारत की सच्चाई।
✅ स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर बनाओ।
✅ स्किल से ही बनेगा नया भारत।
✅ गांव-गांव में उद्यमिता, हर हाथ में रोज़गार की गरिमा।
✅ स्वावलंबन ही असली आज़ादी है।