पंजाब के पूर्व मंत्री को नोटिस, बढ़ सकती हैं कानूनी मुश्किलें

चंडीगढ़
पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। दरअसल, राज्य सरकार ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका पर आशू को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस कदम से एक बार फिर आशू के खिलाफ चर्चाएं तेज हो गई हैं क्योंकि हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफ.आई.आर. को रद्द कर दिया था। इस एफ.आई.आर. में 2 जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी और एक ठेकेदार भी सह-आरोपी बनाए गए थे। सरकार का दावा है कि 2020-21 की पंजाब फूडग्रेन लेबर एंड कार्टेज पॉलिसी में मनमाने तरीके से संशोधन कर पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया और रिश्वत लेकर टेंडर बांटे गए।

वहीं, हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नीति संशोधन को पहले ही डिवीजन बेंच द्वारा सही माना जा चुका है और ठेकों को कैबिनेट और वित्त विभाग की मंज़ूरी भी प्राप्त थी। इसलिए केवल मंत्री को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले के नए पहलू सामने आने की उम्मीद है, जो न सिर्फ़ आशू की राजनीतिक साख बल्कि सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी दावेदारी के लिए भी बड़ी कसौटी साबित हो सकता है।

 

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